जीवन... चलते रहना, चलते रहना

 

जीवन... चलते रहना, चलते रहना

सांसारिक दबाव से दबकर
गिरकर एक छोटे से घेरे में कैद हो जाता है।
कैदी जीवन, प्यारा यह मोहक जीवन,
अगर खींचकर इसे पूरा जी सकते, तो कितना अच्छा होता।
जीवन को आकाश में उड़ने का सुख मिलता, जब तक मन भर न जाए।
चलते रहना, चलते रहना... जब तक थक न जाएं चलते रह सकते!

जीवन एक बार मिला है,
जैसा भी है, जैसे भी जी रहे हैं।
जीना बड़ी बात है,
यही जीने से मधुर सृष्टि की सुंदरता को छूने का अवसर मिला है।

छोटे से घेरे की परिधि में ही सही,
जब तक मन भर न जाए, उड़ने का सुख मिलता।
चलते रहना, चलते रहना... जब तक थक न जाएं चलते रह सकते!

 


 

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